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साहित्य और हिन्दी भाषा के लिए प्रतिबद्ध साहित्यिक समाचार पत्र जिसका प्रकाशन वर्ष 2021 से हो रहा है।
डॉ. अर्पण जैन 'अविचल'
हमारे बारे में
साहित्य और हिन्दी भाषा के लिए प्रतिबद्ध साहित्यिक समाचार पत्र जिसका प्रकाशन 1 अप्रैल 2021 को मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा इंदौर से आरम्भ किया गया। इसके संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ हैं और सह संपादक भावना शर्मा है।यह समाचार पत्र भारत सरकार के प्रक्रम भारत के प्रेस महापंजीयक (Press Registrar of General) में पंजीबद्ध है जिसका पंजीयन क्रमांक MPHIN/2021/85518 है।
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दिग्गज बोल
देश के विकास के लिए आवश्यक है कि आमजन की भाषा, शिक्षा, साहित्य, मीडिया, शासन-प्रशासन की भी भाषा हिन्दी बनें। 'साहित्य ग्राम' के प्रकाशन हेतु मेरी शुभकामनाएँ।
भारत की संपर्क भाषा हिन्दी प्रदेश ही नहीं अपितु भारत का आधार हैं और इसकी सेवा का प्रक्रम 'साहित्य ग्राम' निश्चित रूप समाज जागरण के कार्य को हमेशा की तरह करता रहेगा, मेरी शुभकामनाएँ है।
हिन्दी हमारी मातृभाषा है। हमारी संस्कृति की आत्मा हिन्दी है। और हिन्दी के नवोदित एवं स्थापित रचनाकारों के अवदान को रेखांकित करते हुए साहित्य ग्राम का प्रकाशन हो रहा है, यह बधाई का पात्र है।
हिन्दी भारत का गौरव है और इसके प्रचार के साथ मीडिया के माध्यम से 'साहित्य ग्राम' जिस तरह साहित्य के प्रचार-प्रसार का कार्य कर रहा है, सराहनीय है। मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।







