संस्थापक

डॉ. अर्पण जैन अविचल

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।

संस्थापक – डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' | esahityagram
अज
✍️
संस्थापक एवं संपादक

डॉ. अर्पण जैन 'अविचल'

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष · हिन्दी योद्धा पत्रकार · लेखक · CEO, SANS Technologies

हिन्दी योद्धा राष्ट्रीय अध्यक्ष २ दशकों का अनुभव विश्व कीर्तिमान पीएच.डी.
📚 15+ प्रकाशित पुस्तकें
✍️ 35 लाख+ हिन्दी हस्ताक्षर
अभियान
🏆 6+ राष्ट्रीय सम्मान
📰 २ दशक पत्रकारिता का
अनुभव
जीवन परिचय

हिन्दी आन्दोलन के अग्रणी योद्धा

डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक हैं। वे मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण 'हिन्दी योद्धा' के रूप में पहचाने जाते हैं।

लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए कई महत्त्वपूर्ण अभियान चलाए गए हैं। आपका जन्म 29 अप्रैल को हुआ। कम्प्यूटर साइंस विषय से बीई, एमबीए और एम.जे. एम.सी. की पढ़ाई के बाद आपने 'भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ' विषय पर शोध करके पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की।

डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके लिए उन्हें विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक वे 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। भारतभर में हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर ऐतिहासिक आंदोलन भी चलाया है।

इसके अलावा वे सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ भी हैं और लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं।

🎓 शिक्षा
🔬
पीएच.डी.
भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ
📺
एम.जे. एम.सी.
पत्रकारिता एवं जनसंचार
💼
एमबीए
व्यवसाय प्रबंधन
💻
बीई — कम्प्यूटर साइंस
Bachelor of Engineering
🏛️ वर्तमान भूमिकाएँ
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मातृभाषा उन्नयन संस्थान
संस्थापक एवं संपादक
साहित्य ग्राम समाचार पत्र
संपादक
ख़बर हलचल न्यूज़
संपादक
मातृभाषा डॉट कॉम
सीईओ
SANS Technologies

सम्मान एवं पुरस्कार

राष्ट्रीय
वर्ष 2020
अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार
साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन
वर्ष 2023
अक्षर सम्मान
जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति
वर्ष 2024
हिन्दी सेवा सम्मान
प्रभासाक्षी
वर्ष 2025
विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान
लघुकथा शोध केन्द्र, भोपाल
वर्ष 2026
World Record of Excellence
वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड
विश्व कीर्तिमान
35 लाख+ हस्ताक्षर हिन्दी में
विश्व कीर्तिमान — हिन्दी हस्ताक्षर अभियान
✍️
35 लाख+
लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित — विश्व कीर्तिमान
📚
15+
पुस्तकें प्रकाशित — हिन्दी साहित्य एवं पत्रकारिता
📰
हज़ारों
पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून आंदोलन