हिन्दी साहित्य की शुचिता और गुणवत्ता का सशक्त मंच

हिन्दी साहित्य संरक्षण और संवर्धन का अभियान

आधुनिक माध्यम से कार्य करना

हिन्दी साहित्य का संसार सदैव से विचार, संवेदना और संस्कृति का वाहक रहा है — और 'साहित्य ग्राम' इसी परंपरा को आधुनिक माध्यम से आगे बढ़ाता है।

हिन्दी साहित्य का संसार

1 अप्रैल 2021 को मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा इंदौर से मासिक साहित्यिक समाचार पत्र 'साहित्य ग्राम' का प्रकाशन आरम्भ किया गया। 

संस्था के बारे में – साहित्य ग्राम
📚 मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा प्रस्तुत

साहित्य ग्राम

हिन्दी साहित्य की शुचिता और गुणवत्ता का सशक्त मंच

5,000+ मुद्रित पाठक प्रतिमाह
2021 स्थापना वर्ष, इंदौर
15+ राज्यों में पाठक
संस्था परिचय

हिन्दी साहित्य संरक्षण और संवर्धन का अभियान

1 अप्रैल 2021 को मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा इंदौर से मासिक साहित्यिक समाचार पत्र 'साहित्य ग्राम' का प्रकाशन आरम्भ किया गया। यह केवल एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि हिन्दी साहित्य के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार का एक सशक्त अभियान है।

हिन्दी साहित्य का संसार सदैव से विचार, संवेदना और संस्कृति का वाहक रहा है — और 'साहित्य ग्राम' इसी परंपरा को आधुनिक माध्यम से आगे बढ़ाता है।

यह पत्र पाठकों को जनोपयोगी आलेख, कविताएँ, साक्षात्कार, स्तम्भ, पुस्तक चर्चा, साहित्यिक दीर्घा, कालजयी साहित्यकारों की जन्म एवं पुण्यतिथियों की जानकारी तथा हिन्दी व्याकरण संबंधी सामग्री उपलब्ध कराता है।

इंदौर और नई दिल्ली से एक साथ प्रकाशित होने वाला यह समाचार पत्र अल्प समय में साहित्य जगत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान तथा छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक राज्यों के साहित्यकार इससे जुड़े हुए हैं।

🏛️ पंजीयन विवरण

पंजीयन क्रमांक MPHIN/2021/85518
प्रकाशन तिथि 1 अप्रैल 2021
प्रकार मासिक समाचार पत्र
मुख्यालय इंदौर & नई दिल्ली
मान्यता Press Registrar of India

👥 संपादन दल

अज
डॉ. अर्पण जैन 'अविचल'
संस्थापक एवं मुख्य संपादक
भश
भावना शर्मा
सह-संपादक, नई दिल्ली

🏆 प्रमुख सम्मान

प्रतिवर्ष 'साहित्य सारथी सम्मान' के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है।

प्रकाशन सामग्री
📝

आलेख एवं कविताएँ

शोधपरक, सरल और सरस भाषा में साहित्यिक सामग्री

🎙️

साक्षात्कार

वरिष्ठ साहित्यकारों से विशेष संवाद और चर्चा

📚

पुस्तक चर्चा

नई एवं महत्त्वपूर्ण पुस्तकों की गहन समीक्षा

📅

साहित्यकार तिथियाँ

कालजयी साहित्यकारों की जन्म व पुण्यतिथि

🔤

हिन्दी व्याकरण

भाषा की शुद्धता और व्याकरण संबंधी सामग्री

📱

डिजिटल संस्करण

देश-विदेश में हजारों पाठकों तक ऑनलाइन पहुँच

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One morning, when Gregor Samsa woke from troubled dreams, he found himself transformed in his bed into a horrible vermin. He lay on his armour-like back, and if he lifted his head a little he could see his brown belly, slightly domed and divided by arches into stiff.

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साहित्यिक समाचार पत्र

साहित्य ग्राम परिवार

 हिन्दी साहित्य का संसार सदैव से विचार, संवेदना और संस्कृति का वाहक रहा है। और 'साहित्य ग्राम' इसी परंपरा को आधुनिक माध्यम से आगे बढ़ा रहा हैं।

डॉ. अर्पण जैन 'अविचल'

संस्थापक

भावना शर्मा

सह संपादक
साहित्य ग्राम की सक्रियता और सहभागिता

हम सदैव तत्पर है हिन्दी की अनवरत सेवा के लिए

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स्थापना वर्ष
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